सुख हो या दुःख, हर दिन को एक उपहार की तरह मान कर जीएं

हमारा हर एक दिन एक गिफ्ट की तरह होता है, है एक दिन को जी भर कर जीना चाहिए। 

एक 91 वर्षीय बुजुर्ग एक सुबह अस्पताल में आए। उनकी पत्नी जो 70 साल की थीं उनका भी हाल ही में निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद से, उन बुजुर्ग का स्वास्थ्य भी खराब होने लगा था। इसलिए उन्हें रोज अस्पताल में दिखाने के लिए आना पड़ता था। फिर एक दिन उनकी एक आंख से काम दिखने लगा जिसके लिए उन्हें एक ऑपरेशन से भी गुजरना पड़ा।

यहां तक कि लॉबी में कई घंटों के इंतजार के बाद उनका नंबर अत परन्तु फिर भी उन्हें हमेशा धैर्य से बैठना पड़ता था। आज अस्पताल में आकर वो बैठे ही थे कि नर्स ने उन्हें बताया कि आपका कमरा तैयार है और कमरे के बारे में बताया, तब उन्होंने कहा, ओह आई लव इट। उनका उत्साह देख कर, उस नर्स को हैरानी हुई, क्यों की आज तक उसने कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं देखा था जो कमरे में रहने के लिए खुश हुआ हो।

यहाँ देख कर नर्स ने उन बुजुर्ग से कहा, "आपने तो अभी कमरा भी नहीं देखा, फिर आप इसे कैसे पसंद करते हैं। इस पर वृद्ध ने कहा, मुझे इससे कोई लेना-देना नहीं है, खुशी केवल इस बात पर है जिसे आप पसंद करते हैं। मेरा कमरा सही है या नहीं, फर्नीचर सही ढंग से फिट है या इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्यों की मैंने अपना मन बना लिया है।

यह निर्णय है जो मैं हर सुबह करता हूं, अगर मैं चाहता हूं, तो मेरे शेष दिनों को बिस्तर पर गिनें। लेकिन मैं प्रत्येक दिन को एक उपहार के रूप में सोचता हूं और हर नए दिन को उसी उत्साह और उत्साह के साथ जीता हूं। हर नए दिन मैं नए दिन पर ध्यान केंद्रित करता हूं और अपनी सभी अच्छी यादों को याद करता हूं।