टेड विलियम जो एक भिखारी से बना अमेरिका का गोल्डन वॉयस

जीवन हमें कई अवसर देता है, इसलिए हमें कभी निराश होने की बजाय कोशिश करते रहना चाहिए।

अमेरिका के ब्रुकलिन में पैदा हुए टेड विलियम अपनी खराब आदतों और कमजोर आर्थिक स्थितियों के कारण अमेरिका के एक राज्य ओहियो में सड़कों पर भीख मांगते हैं। ड्रग की बुरी आदत के कारण उन्हें कई बार जेल की हवा भी खानी पड़ी। जेल से छूटने के बाद, वह सड़क पर एक कार्ड पर भीख माँगता था,

'मेरी आवाज़ बहुत अच्छी है' और एक पेट्रोल पंप के पीछे एक टेंट में रात को सोता था। एक दिन, सौभाग्य से, एक रिपोर्टर की नज़र उस पर पड़ी, तो उसने उसका साक्षात्कार करने की सोची और दिलचस्प तरीके से एक वीडियो शूट किया और उसे YouTube पर डाल दिया। वीडियो के आते ही उनकी चर्चा हर जगह होने लगी।

फिर उन्हें अपने सुबह के शो के लिए एक साक्षात्कार के लिए न्यूयॉर्क शहर के एक टीवी चैनल पर आमंत्रित किया गया, जहाँ उनका चयन हुआ। इसके अलावा उन्होंने कई कंपनियों के विज्ञापनों में भी अपनी आवाज दी है। जिसके कारण वह थोड़े समय के बाद अमेरिका के जाने-माने लोगों में शामिल हो गए।

टेड विलियम को गोल्डन वॉयस के खिताब से भी नवाजा गया था। टेड विलियम ने अपने संघर्ष और सफलता पर एक किताब भी लिखी। हमें उनकी सफलता की इस कहानी से प्रेरणा लेनी चाहिए, जीवन हमें कई अवसर प्रदान करता है, इसलिए हमें कभी भी निराश होने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।