अपना दृष्टिकोण बदलने से कई बार बड़ी समस्याएं भी छोटी लगने लगती हैं

हमारे जीवन में बहुत सारी समस्याएँ आती रहती हैं जिनसे हम हमेशा बचने की कोशिश करते हैं, परन्तु यदि हम अपना दृष्टिकोण अलग रखें तो ये समस्याएं भी आसान लगने लगेंगी। 

एक सज्जन मोबाइल देखने में मशगूल थे, उनका छोटा बेटा बार-बार किसी बात की बात कहकर उन्हें परेशान कर रहा था। उसने उसे कई बार समझाया लेकिन बच्चा कहां मानने वाला था। फिर उसने सोचा कि बच्चा अगर किसी और काम में उलझा हुआ है तो किया जा सकता है। उसने पास में पड़ी एक पुरानी किताब को उठाया और उसके पन्ने पलटने लगा।

फिर उन्हें दुनिया का नक्शा दिखाया गया, उन्होंने जल्दी से पन्ना फाड़ दिया और बच्चे को बुलाया - "देखो यह दुनिया का नक्शा है, अब मैंने इसे कई हिस्सों में काट दिया, आपको इन टुकड़ों को फिर से इकट्ठा करना होगा और एक नक्शा बनाना होगा।" यह कहकर उन्होंने यह काम अपने बेटे को दे दिया। बेटे ने तुरंत नक्शा बनाना शुरू किया।

पिता यह सोचकर खुश होने लगे कि अब दो-तीन घंटे आराम से किताब पढ़ सकेंगे। लेकिन क्या पांच मिनट ही हुए थे कि बेटा दौड़ता हुआ आया और बोला, "देखो पापा, मैंने नक्शा तैयार कर लिया है।" पिताजी ने आश्चर्य से देखा, नक्शा एकदम सही था, आपने इतनी जल्दी नक्शा कैसे जोड़ लिया, यह बहुत मुश्किल काम था?

बेटे ने कहा - बहुत आसान था, आपने जो पेज दिया था उसके पिछले हिस्से में एक कार्टून बना हुआ था, मैंने अभी वह कार्टून पूरा किया और नक्शा अपने आप तैयार हो गया, और कह रहा था कि वह बाहर खेलने चला गया और पिताजी सोचते रहे।