सूर्य नमस्कार के हैं कई फायदे, कुछ इस तरह इसे अपने डेली रूटीन में जोड़ें...

सूर्य नमस्कार को सबसे महत्वपूर्ण योग आसनों में से एक माना जाता है. यह वजन घटाने में काफी मदद करता है. इस योग आसन के कई फायदे हैं. 

सूर्य नमस्कार को सबसे महत्वपूर्ण योग आसनों में से एक माना जाता है. यह वजन घटाने में काफी मदद करता है. इस योग आसन के कई फायदे हैं. सूर्य नमस्कार से शरीर को काफी ऊर्जा मिलती है और साथ ही शरीर की बुद्धि को सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है. वहीं सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर का मानना है कि हर किसी को रोजाना सूर्य नमस्कार योग आसन करना चाहिए. उन्होंने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सूर्य नमस्कार के कई सारे फायदे शेयर किए हैं. 
जब पूरे शरीर के व्यायाम के बारे में बात की जाती है, तो बर्पीज और सूर्य नमस्कार  से बेहतर क्या हो सकता है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि सूर्य नमस्कार और बर्पी दोनों में कौन सा सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. यहां मिलेगा आपको इसका सही जवाब!
1. रुजुता के मुताबिक सूर्य नमस्कार योग आसन करने के लिए पहले घर पर एक निश्चित स्थान चुने. यह जगह ऐसी होनी चाहिए जहां सूर्य की किरने आए और साथ ही वह जगह हवादार होनी चाहिए.

2. वहीं इस आसन को रोजाना करने के लिए एक समय निश्चित चुने. इस आसन को करने के लिए "सूर्योदय या सूर्यास्त अच्छा समय माना जाता है. वहीं इसके अलावा आप इस आसन को नाश्ते से पहले या स्नान के बाद भी कर सकते हैं.
3. वहीं सूर्य नमस्कार आसन करने के शुरूआती दौर में आप सामान्य रूप से सांस ले सकते हैं. इस आसन को सही तरीके के सीखने में कुछ समय लग सकता है.
4. अगर आपने इससे पहले सूर्य नमस्कार नहीं किया है तो आप रोजाना 2 राउंड के सेट के साथ शुरुआत कर सकते हैं. सूर्य नमस्कार का 1 सेट आप अपने दाहिने पैर से और दूसरा सेट बाएं पैर की मदद से करें.
5. रुजुता का कहना है कि एक दिन में सूर्य नमस्कार के 5 सेट करने चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब सूर्य नमस्कार करने की बात आती है तो इसे नियमितता बनाए रखना महत्वपूर्ण बात होती है. उनका मानना है कि रोजाना इसके 5 सेट या 12 सेट करने की कोशिश करनी चाहिए.

6. वहीं अगर आपको बहुत गर्मी लग रही है या आप बहुत ज्यादा थके हुए हैं तो आप सूर्य नमस्कार दाहिने पैर की जगह सिर्फ बाएं पैर के माध्यम से कर सकते हैं. रुजुता का कहना है कि ऐसा करने से आप हल्का महसूस करेंगे.
7. पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अपने शरीर की क्षमता के हिसाब से ये आसन करना चाहिए. अगर महिलाओं को लगता है कि वो पीरियड्स के दौरान सूर्य नमस्कार कर सकती हैं तो करें नहीं तो छोड़ दें.
8. पीएमएस का अनुभव करने पर, आपको 3 राउंड के साथ सूर्य नमस्कार करना शुरू करना चाहिए और 2 राउंड करने के साथ समाप्त करना चाहिए.
9. अगर आप घुटने के दर्द और गठिया के दर्द से परेशान हैं तो आपको सूर्य नमस्कार आसन रोजाना करना चाहिए. ये आपको घुटने के दर्द और गठिया के दर्द से जल्द आराम दिलाएगा. वहीं इस आसन को सही तरीके से करने के लिए इंटरनेट पर कई वीडियो साझा किए गए हैं.आप न वीडियो के माध्यम से इस आसन को सही तरीके से करना सिख सकते हैं.

1. वजन घटाना: सूर्य नमस्कार को सबसे महत्वपूर्ण योग आसनों में से एक माना जाता है. अगर आप अपने बढ़ते वजन को कम करना चाहते हैं तो इस योग आसन की मदद से जल्द से जल्द आप अपने वजन को घटा सकते हैं और साथ ही एक टोन्ड शरीर बना सकते हैं.
2. रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है: निष्क्रियता और खराब मुद्रा के कारण आपकी पीठ कमजोर हो सकती है. अपनी रीढ़ को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए आप रोजानवा सूर्य नमस्कार कर सकते हैं. सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से आपकी रीढ़ मजबूत हो जाएगी.
3. यंग और निखरती त्वचा पाने में मदद करता है: सूर्य नमस्कार अच्छी त्वचा अच्छी सेहत का प्रतिबिंब है. सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास आपको एक चमकदार और यंग त्वचा दे सकता है.
4. हार्मोनल बैलेंस: सूर्य नमस्कार शरीर में हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में काफी मदद करता है.वहीं न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता का कहना है कि यह एक ऐसा व्यायाम है जो सीधे अधिवृक्क, थायरॉयड और पिट्यूटरी ग्लैंड पर काम करता है. यह न केवल मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, बल्कि यह आपको कई सारी बीमारियों से भी मुक्ति दिलाता है